मेरी जान जुदा ना होना मुझ से,एक पल भी ना रह पाऊंगा
आपके आने से पहले थी जिन्दगी सूनी मेरी,
पर अब आपके बिना दो कदम भी ना चल पाउँगा
मेरी जान जुदा ना होना मुझ से.....
महका दी मेरी जीवन की बगिया ,
समझ नही आता कैसे करूँ आपका अदा शुक्रिया
डूबा रहता हूँ इसी बगिया की महक में,
अब इसकी महक के बिना ना रह पाऊंगा
मेरी जान जुदा ना होना मुझ से,
एक पल भी ना रह पाऊंगा
gr88888 bhai.keep it up
प्रत्युत्तर देंहटाएंबहुत सुन्दर काव्य है!
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ग़ज़लों के खिलते गुलाब